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वेद पथ वैदिक ज्ञान का पथ

श्री हनुमान आरती - आरती कीजै हनुमान लला की

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परिचय

“आरती कीजै हनुमान लला की” भगवान हनुमान की सबसे लोकप्रिय आरती है। पवनपुत्र हनुमान भगवान श्री राम के परम भक्त और सेवक हैं। इस आरती में उनकी अपार शक्ति, भक्ति और रघुनाथ (श्री राम) के प्रति उनके समर्पण का वर्णन किया गया है।

आरती का महत्व

हनुमान आरती का विशेष महत्व है क्योंकि हनुमान जी को संकट मोचन और बजरंगबली के नाम से जाना जाता है। इस आरती को गाने से भय, संकट और बुरी शक्तियों का नाश होता है। मंगलवार और शनिवार को यह आरती करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

आरती करने की विधि

  1. हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के सामने घी या तेल का दीपक जलाएं
  2. सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करें
  3. आरती गाते हुए थाली को हनुमान जी के सामने घड़ी की दिशा में घुमाएं
  4. प्रसाद के रूप में बूंदी या लड्डू अर्पित करें
  5. आरती के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत शुभ है

इस आरती के बारे में

मूल भाषा
हिन्दी
सामान्यतः किस दिन
मंगलवार · शनिवारयह प्रचलित परंपरा है, कोई नियम नहीं।

साथ में पढ़ी जाने वाली

संदर्भ 1

  • Traditional Hindu Aarti — Named as the basis of this entry in its seed file

यह सामग्री वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित है, और इसकी क्रमशः समीक्षा की जा रही है।

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