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वेद पथ वैदिक ज्ञान का पथ

श्री लक्ष्मी आरती - ॐ जय लक्ष्मी माता

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परिचय

“ॐ जय लक्ष्मी माता” माता लक्ष्मी की सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से गाई जाने वाली आरती है। धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी की यह आरती विशेष रूप से दीपावली पर और प्रत्येक शुक्रवार को गाई जाती है। भगवान विष्णु की पत्नी के रूप में माता लक्ष्मी की इस आरती में उनके दिव्य गुणों और कृपा का वर्णन है।

आरती का महत्व

लक्ष्मी आरती धन, सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए गाई जाती है। इस आरती में माता लक्ष्मी को भगवान विष्णु की सेविका और संसार की रक्षक के रूप में स्तुति की गई है। नियमित रूप से इस आरती को गाने से घर में सुख-शांति और धन-धान्य का वास होता है।

आरती करने की विधि

  1. माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं
  2. लाल फूल, कमल के फूल और धूप अर्पित करें
  3. आरती गाते हुए थाली को माता के सामने घड़ी की दिशा में घुमाएं
  4. शुक्रवार और दीपावली को यह आरती करना विशेष शुभ है
  5. प्रसाद के रूप में खीर या मिठाई अर्पित करें

इस आरती के बारे में

मूल भाषा
हिन्दी
सामान्यतः किस दिन
शुक्रवारयह प्रचलित परंपरा है, कोई नियम नहीं।

साथ में पढ़ी जाने वाली

संदर्भ 1

  • Traditional Hindu Aarti — Named as the basis of this entry in its seed file

यह सामग्री वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित है, और इसकी क्रमशः समीक्षा की जा रही है।

और देखें 11