जय जय गणपति जयति गणेश
आकार
प्रदर्शन
जय जय गणपति जयति गणेश ।
सिद्धि विनायक जय करुणेश ॥
जय जय मंगलमूर्ति गणेश ।
जननी गिरिजा जनक महेश ॥
पूजा होती प्रथम तुम्हारी, दोष पाप और संकट हारी ।
जयति गजानन जय सर्वेश ॥
लाभ और शुभ के तुम दाता, तुम हो विद्या बुद्धि विधाता ।
निर्मल बुद्धि करो अखिलेश ॥
ऋद्धि सिद्धि के तुम हो स्वामी, देव नमामि नमामि नमामि ।
सबके विघ्न हरो विघ्नेश ॥
जय जय गणपति जयति गणेश ।
सिद्धि विनायक जय करुणेश ॥
जय जय मंगलमूर्ति गणेश ।
जननी गिरिजा जनक महेश ॥
पूजा होती प्रथम तुम्हारी, दोष पाप और संकट हारी ।
जयति गजानन जय सर्वेश ॥
लाभ और शुभ के तुम दाता, तुम हो विद्या बुद्धि विधाता ।
निर्मल बुद्धि करो अखिलेश ॥
ऋद्धि सिद्धि के तुम हो स्वामी, देव नमामि नमामि नमामि ।
सबके विघ्न हरो विघ्नेश ॥
स्रोत 1
- Sahaja Yoga "Sahaj Geet" pustika — Traditional deity bhajans only
यह सामग्री वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित है, और इसकी क्रमशः समीक्षा की जा रही है।