हरि सुन्दर नन्द मुकुन्द
आकार
मांडणी
हरि सुन्दर नन्द मुकुन्द, हरि नारायण हरि ॐ ।
हरि केशव हरि गोविन्द, हरि नारायण हरि ॐ ।
वनमाली मुरलीधारी, गोवर्धन गिरिवरधारी ।
नित्य नित्य कर माखन चोरी, गोपी मन हारी ।
आओ रे गावो रे, गोकुल के प्यारे आओ रे ।
नाचो रे रास रचाओ रे, गावो रे गुण गाओ रे ।
हरि सुन्दर नन्द मुकुन्द, हरि नारायण हरि ॐ ।
हरि केशव हरि गोविन्द, हरि नारायण हरि ॐ ।
वनमाली मुरलीधारी, गोवर्धन गिरिवरधारी ।
नित्य नित्य कर माखन चोरी, गोपी मन हारी ।
आओ रे गावो रे, गोकुल के प्यारे आओ रे ।
नाचो रे रास रचाओ रे, गावो रे गुण गाओ रे ।
स्रोत 1
- Sahaja Yoga "Sahaj Geet" pustika — Traditional deity bhajans only
ही सामग्री वेद पथ संपादकीय संघाने संकलित व संपादित केली आहे, आणि तिचे टप्प्याटप्प्याने पुनरावलोकन सुरू आहे.