भगवद्गीता 1.44
आकार
प्रदर्शन
उत्सन्नकुलधर्माणां मनुष्याणां जनार्दन ।
नरके नियतं वासो भवतीत्यनुशुश्रुम (or नरकेऽनियतं) ॥१-४४॥
उत्सन्नकुलधर्माणां मनुष्याणां जनार्दन ।
नरके नियतं वासो भवतीत्यनुशुश्रुम (or नरकेऽनियतं) ॥१-४४॥
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