राधे राधे जपो, चले आयेंगे बिहारी
आकार
मांडणी
राधे राधे जपो, चले आयेंगे बिहारी ।
आयेंगे बिहारी, चले आयेंगे बिहारी ॥
राधा मेरी चंदा तो चकोर हैं बिहारी ।
राधा रानी मिसरी तो स्वाद हैं बिहारी ॥
राधा मेरी गंगा तो धार हैं बिहारी ।
राधा रानी तन तो प्राण हैं बिहारी ॥
राधा रानी सागर तो तरंग हैं बिहारी ।
राधा रानी मोहिनी तो मोहन हैं बिहारी ॥
राधा मेरी गोरी तो साँवरे हैं बिहारी ।
राधा रानी भोली भाली, चंचल हैं बिहारी ॥
राधा रानी नथनी तो कंगन हैं बिहारी ।
राधा रानी मुरली तो तान हैं बिहारी ॥
राधे राधे जपो, चले आयेंगे बिहारी ।
आयेंगे बिहारी, चले आयेंगे बिहारी ॥
राधा मेरी चंदा तो चकोर हैं बिहारी ।
राधा रानी मिसरी तो स्वाद हैं बिहारी ॥
राधा मेरी गंगा तो धार हैं बिहारी ।
राधा रानी तन तो प्राण हैं बिहारी ॥
राधा रानी सागर तो तरंग हैं बिहारी ।
राधा रानी मोहिनी तो मोहन हैं बिहारी ॥
राधा मेरी गोरी तो साँवरे हैं बिहारी ।
राधा रानी भोली भाली, चंचल हैं बिहारी ॥
राधा रानी नथनी तो कंगन हैं बिहारी ।
राधा रानी मुरली तो तान हैं बिहारी ॥
स्रोत 1
- Sahaja Yoga "Sahaj Geet" pustika — Traditional deity bhajans only
ही सामग्री वेद पथ संपादकीय संघाने संकलित व संपादित केली आहे, आणि तिचे टप्प्याटप्प्याने पुनरावलोकन सुरू आहे.