श्री महाकालेश्वर आरती
पाठस्थळ उज्जैन
आकार
मांडणी
ॐ जय शिव जय महाकाल,
स्वामी जय शम्भू महाकाल।
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,
तुम कालो के काल॥
ॐ जय शिव जय महाकाल॥
बारह ज्योतिर्लिंग में,
महिमा बड़ो है नाम।
क्षिप्रा तट उज्जैन में,
महाकाल को धाम॥
तुम भीमेश्वर देवा,
तुम काशी विश्वनाथ।
गोमती तट त्रयंभकेश्वर,
दारूकवन नागनाथ॥
हाथ जोड़ तेरे द्वारे,
काल खड़ा लाचार।
सुर नर असुर चराचर,
सब के हो करतार॥
चिता भस्म से तेरो,
नित नित हो श्रृंगार।
भक्तन का मन मोहे,
तेरो रूप निहार॥
भस्म आरती तेरी,
अद्भुत है भगवन।
भाग्यवान नर नारी,
पाएं शुभ दर्शन॥
साथ में गणपति गौरा,
कार्तिक है देवा।
द्वार खड़े है नंदी,
नित उठ करे सेवा॥
जो जन तेरा दर्शन,
श्रद्धा से कर जाए।
मौत अकाल ना आए,
सुख वैभव पा जाए॥
महाकाल की आरती,
जो नर नारी गाए।
कहत ‘महेश’ प्रभु से,
मन इच्छा फल पाए॥
ॐ जय शिव जय महाकाल॥
ॐ जय शिव जय महाकाल,
स्वामी जय शम्भू महाकाल।
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,
तुम कालो के काल॥
ॐ जय शिव जय महाकाल॥
बारह ज्योतिर्लिंग में,
महिमा बड़ो है नाम।
क्षिप्रा तट उज्जैन में,
महाकाल को धाम॥
तुम भीमेश्वर देवा,
तुम काशी विश्वनाथ।
गोमती तट त्रयंभकेश्वर,
दारूकवन नागनाथ॥
हाथ जोड़ तेरे द्वारे,
काल खड़ा लाचार।
सुर नर असुर चराचर,
सब के हो करतार॥
चिता भस्म से तेरो,
नित नित हो श्रृंगार।
भक्तन का मन मोहे,
तेरो रूप निहार॥
भस्म आरती तेरी,
अद्भुत है भगवन।
भाग्यवान नर नारी,
पाएं शुभ दर्शन॥
साथ में गणपति गौरा,
कार्तिक है देवा।
द्वार खड़े है नंदी,
नित उठ करे सेवा॥
जो जन तेरा दर्शन,
श्रद्धा से कर जाए।
मौत अकाल ना आए,
सुख वैभव पा जाए॥
महाकाल की आरती,
जो नर नारी गाए।
कहत ‘महेश’ प्रभु से,
मन इच्छा फल पाए॥
ॐ जय शिव जय महाकाल॥
उज्जैनच्या श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंगाची आरती, जी प्रसिद्ध “ॐ जय शिव ओंकारा” च्या चालीवर गायली जाते. यात द्वादश ज्योतिर्लिंगांतील महाकालाचा महिमा, क्षिप्रेच्या तीरावरील त्यांचे धाम आणि जगप्रसिद्ध भस्म आरतीचे वर्णन आहे.
स्रोत 1
- Traditional aarti — Sung text in common household use
ही सामग्री वेद पथ संपादकीय संघाने संकलित व संपादित केली आहे, आणि तिचे टप्प्याटप्प्याने पुनरावलोकन सुरू आहे.