बरतिया ले के आये गयो रे बम बम भोला
आकार
मांडणी
अद्भुत रूप बनाय के, शिव शंकर त्रिपुरारि ।
गौरा को ब्याहने चले, चले हिमाचल द्वार ॥
बम बम भोले, बम बम भोले ।
बरतिया ले के आये गयो रे बम बम भोला ।
अरे डम डम डमरू बाजे, पिये भंग का गोला रे ॥
दुखी हुई मन रानी मैना, नृप से बोली भर कर नैना ।
जोगी को बेटी ना दूँगी, दूँगी फूँक मैं चोला रे ॥
नृप ने मैना को समझाया, मन का भ्रम सब दूर कराया ।
जग के पालनहार हैं आये, रूप धरे अनमोला रे ॥
शिव दूल्हा गौरा दुल्हन है, बँधा प्रीत का ये बंधन है ।
जय जयकार करे नर नारी, जय भोले ॥
अद्भुत रूप बनाय के, शिव शंकर त्रिपुरारि ।
गौरा को ब्याहने चले, चले हिमाचल द्वार ॥
बम बम भोले, बम बम भोले ।
बरतिया ले के आये गयो रे बम बम भोला ।
अरे डम डम डमरू बाजे, पिये भंग का गोला रे ॥
दुखी हुई मन रानी मैना, नृप से बोली भर कर नैना ।
जोगी को बेटी ना दूँगी, दूँगी फूँक मैं चोला रे ॥
नृप ने मैना को समझाया, मन का भ्रम सब दूर कराया ।
जग के पालनहार हैं आये, रूप धरे अनमोला रे ॥
शिव दूल्हा गौरा दुल्हन है, बँधा प्रीत का ये बंधन है ।
जय जयकार करे नर नारी, जय भोले ॥
स्रोत 1
- Sahaja Yoga "Sahaj Geet" pustika — Traditional deity bhajans only
ही सामग्री वेद पथ संपादकीय संघाने संकलित व संपादित केली आहे, आणि तिचे टप्प्याटप्प्याने पुनरावलोकन सुरू आहे.