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वेद पथ वैदिक ज्ञान का पथ

श्रीशिवमानसपूजा

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परिचय

शिवमानसपूजा आदि शङ्कराचार्यकृत है । इसमें आसन, स्नान, वस्त्र, चन्दन, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य — सारा षोडशोपचार पूजन मनसे ही कल्पित करके भगवान् शङ्करको अर्पित किया गया है । अन्तिम श्लोक क्षमा-प्रार्थनाका है । गीताप्रेसके नित्यकर्म-पूजाप्रकाशमें यह शिवमहिम्नःस्तोत्रके बाद छपा है ।

पाठ-भेद

यह पाठ गीताप्रेसके नित्यकर्म-पूजाप्रकाश (पृष्ठ २९९–३००) के अनुसार है, और sanskritdocuments.org के doc_shiva/smaanasa.itx से मिलाया गया है ।

  • Colophon only: the book prints none here and closes the text with an ornament; the .itx closes “इति श्रीमच्छङ्कराचार्यविरचिता शिवमानसपूजा समाप्ता”.

स्रोत 1

संदर्भ 1

  • श्रीशिवमानसपूजा (sanskritdocuments.org) — doc_shiva/smaanasa.itx

    Verification source, checked 2026-09-18. All five stanzas compared line by line against the .itx. All five stanzas agree word for word, and the file carries the same five. Colophon only: the book prints none here and closes the text with an ornament; the .itx closes "इति श्रीमच्छङ्कराचार्यविरचिता शिवमानसपूजा समाप्ता".

यह सामग्री वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित है, और इसकी क्रमशः समीक्षा की जा रही है।

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